Finance क्या होता है (What is Finance in Hindi ) यह कितने प्रकार का होता है?


What is Finance in Hindi – आज के समय में हम अपने आसपास फाइनेंस जैसे शब्द को बहुत बार सुनते हैं लेकिन ज्यादातर लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं होता है कि आखिर Finance क्या होता है? अक्सर लोग फाइनेंस को लेकर गूगल पर सर्च करते रहते हैं लेकिन उन्हें एक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको फाइनेंस से जुड़ी सभी जानकारियां देने वाले हैं जैसे फाइनेंस क्या होता है? फाइनेंस कितने प्रकार होते हैं? यदि आप फाइनेंस से जुड़ी सभी जानकारियां लेना चाहते हैं तो इस पोस्ट को पूरी पढ़े।

फाइनेंस क्या होता है? (What is Finance in Hindi )

फाइनेंस के बारे में जितनी जानकारी ले वह भी कम होती है क्योंकि फाइनेंस के बारे में कंप्लीट जानकारी आज तक कोई भी नहीं बता पाया है। लेकिन यदि हम सरल भाषा में फाइनेंस को समझे तो किसी भी बिजनेस या फिर किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने के लिए पैसों का प्रबंध करना ही फाइनेंस कहलाता है।

उदाहरण के लिए मान लीजिए आपको एक मोबाइल फोन खरीदना है लेकिन आपके पास पैसा नहीं है तो आप किसी भी बैंक से उस फोन का फाइनेंस करवा सकते हैं फाइनेंस करवाने से मतलब है कि आप उस फोन की कीमत के पैसे किसी भी बैंक या संस्थान से ले सकते हैं बाद में आप उस पैसे को EMI के आधार पर उन्हें वापस लौटा सकते हैं।फाइनेंस शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा से हुई है इसका मतलब होता है “वित्त”। यदि आप कोई भी स्टार्टअप या बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो आपको फाइनेंस के बारे में जानकारी होना बहुत ही जरूरी है। 

फाइनेंस के कितने प्रकार होते है? (Types Of Finance)

हमने ऊपर फाइनेंस शब्द का अर्थ तो जान लिया लेकिन अब हम यह जानेंगे कि फाइनेंस के कितने प्रकार होते हैं-

    Public Finance (सार्वजनिक वित्त )

    Corporate Finance (निगम वित्त )

    Personal Finance (व्यक्तिगत वित्त )

(1) Public Finance

पब्लिक फाइनेंस का सीधा संबंध सार्वजनिक गतिविधियों से हैं क्योंकि सरकार जब भी कोई बड़ा प्रोजेक्ट या फिर काम शुरू करती है तो उन्हें भी पैसों की आवश्यकता होती है इसी के लिए सरकार टैक्स लेती है और उस टैक्स का उपयोग सार्वजनिक कामों में करती है। अगर हम इसका हिंदी अर्थ समझे तो इसका मतलब होता है लोक वित्त।

(2) Corporate Finance

इसका सीधा मतलब कंपनी, संगठन, या  समूह से होता है अगर हम इसका हिंदी में अर्थ जाने तो इसका मतलब होता है निगम वित्त। इसको हम एक उदाहरण के द्वारा समझते हैं मान लीजिए किसी व्यक्ति को खुद की एक कंपनी स्थापित करनी है लेकिन उसके पास पैसा नहीं है इसके लिए वह किसी भी बैंक या संस्थान से लोन लेता है तो उसको हम फाइनेंस ही कहेंगे। इसकी मदद से वह अपने कर्मचारियों और अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के तौर-तरीकों पर अपना पैसा इन्वेस्ट करेगा।

(3) Personal Finance

पर्सनल फाइनेंस का हिंदी में अर्थ होता है व्यक्तिगत वित्त। इसको हम अगर सरल भाषा में समझे  तो इसमें प्रत्येक व्यक्ति अपने हिसाब से पैसे को मैनेज करना होता  है और जितना भी पैसा रहता है उस पर एक ही व्यक्ति का अधिकार रहता है कि वह उसको किस तरीके से मेंटेन करके रखें और कितना पैसा इन्वेस्ट करें जिससे उसकी गतिविधि लगातार जारी रह सके।

फाइनेंस के बारे में जानकारी लेना क्यों आवश्यक है?

आज का समय पूरी तरीके से बदल चुका है यदि आपके पास सही तरीके से ज्ञान नहीं है तो आप कभी भी आगे नहीं बढ़ पाएंगे क्योंकि आज के समय में कंपटीशन बहुत ज्यादा हो चुका है प्रत्येक व्यक्ति दूसरे से आगे निकलने की होड़ में नए दिन कुछ ना कुछ सीखता रहता है।

यदि आप भी कोई बिजनेस करने की सोच रहे हैं या फिर कोई भी व्यवसाय करने की सोच रहे हैं लेकिन आपको फाइनेंस से संबंधित कोई भी जानकारी नहीं है तो आप कभी भी सफलनहीं हो पाएंगे ऐसा हम इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि आज के समय में खुद के व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए इन्वेस्टमेंट की आवश्यकता होती है।

यदि आपके पास पैसा नहीं है तो आप ऐसी संस्थान का चुनाव कर सकते हैं जो आपको कम ब्याज पर ऋण प्रोवाइड कर सके लेकिन यदि आपको सही से फाइनेंस के बारे में ज्ञान नहीं होगी तो आप ज्यादा ब्याज पर ऋण ले पाएंगे जिससे आपको मुनाफा नहीं होगा और आपका बिजनेस ठप हो जाएगा।

अक्सर हमने देखा होगा कि कुछ लोग कम उम्र में ही फाइनेंशियल फ्री हो जाते हैं उनके पास सब कुछ रहता है पैसा गाड़ी सब कुछ लेकिन कुछ लोग होते हैं जो अपनी पूरी जिंदगी निकाल देते हैं लेकिन उनके पास फूटी कौड़ी नहीं रहती है इसके पीछे का कारण है जो व्यक्ति आज सफल हो गया है।

उसके पास फाइनेंस से जुड़ी सभी जानकारियां हैं इस हिसाब से वह अपने बजट को मेंटेन करके रखता है लेकिन जिस व्यक्ति को फाइनेंस के बारे में जानकारी नहीं है वह जितना कमाता है उसे खर्च कर लेता है तो उसके आने वाले भविष्य में उसके पास कुछ भी नहीं बचता।
फाइनेंस सर्विसेज में करियर कैसे बनाये (Career In Finance)

वर्तमान समय में फाइनेंस सर्विसेज  से जुड़े नए नए विकल्प सामने आ रहे हैं ज्यादातर स्टूडेंट का आज फाइनेंस में रुचि होने की वजह से इसकी डिमांड बहुत ही ज्यादा बढ़ चुकी है। फाइनेंस क्षेत्र कोई सीमित नहीं है इसका बहुत बड़ा दायरा है जिसमें बहुत सारी नौकरी के अवसर हैं जिसके बारे में हम आपको डिटेल में बताते है।

फाइनेंस से जुड़े बहुत से क्षेत्र हैं जैसे बैंक, शेयर मार्केट, फाइनेंस प्लानर. फाइनेंस मैनेजर इन सभी से जोड़कर आप अपना करियर बना सकते हैं। आज के समय में ऐसे बहुत से प्लेटफार्म है जो आपको फाइनेंस से जुड़ी पूरी जानकारी प्रोवाइड करते हैं जैसे कुछ यूनिवर्सिटी भी हैं जिनके माध्यम से आप फाइनेंस का कोर्स करके या फिर डिग्री हासिल करके अपने करियर की नींव रख सकते हैं।

हम आपको कुछ संस्थानों के बारे में बताने वाले हैं जहां से आप फाइनेंस का कोर्स कर सकते हैं जैसे – नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बैंक मैनेजमेंट, पुणे, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली है जिनके माध्यम से आप यह कोर्स कर सकते हैं।
फाइनेंस का वर्गीकरण (Classification of Finance)

यदि आपको कोई फोन खरीदना है तो आपको उसको फाइनेंस करवाना होता है जिसके लिए इनका क्लासिफिकेशन अलग-अलग तरीके से किया जाता है वैसे फाइनेंस को 3 भागों में वर्गीकृत किया गया है।

कुछ बहुत बड़ी कंपनियां है जो आपको 6 महीने से लेकर 12 महीने तक जीरो परसेंट ब्याज पर लोन ले सकते हैं लेकिन यदि आप इससे ज्यादा का समय अपना पेमेंट चुकाने में लगाते हैं तो उस आधार पर आपको कंपनी की नियम और शर्तें के अनुसार ब्याज चुकाना पड़ता है।
शॉर्ट टर्म लोन (Short Term Finance)

जिस लोन की अवधि बहुत ही कम होती है उसको Short Term Finance कहते हैं यह अवधि लगभग 12 महीने से नीचे की ही होती है।
मध्यकालीन वित्त (Medieval Finance)

यह ऋण मैन्युफैक्चरिंग और प्रॉपर्टी से जुड़े कामकाजो  के लिए होता है जिसकी अवधि 12 महीने से लेकर 5 साल के बीच की होती है इसमें आपको थोड़ा ज्यादा टाइम दिया जाता है क्योंकि यह अमाउंट थोड़ा बड़ा होता है।
दीर्घकालीन वित्त (Long Term Finance)

जो ऋण 5 साल से अधिक समय के लिए दिया जाता है उसे Long Term Finance कहा जाता है यह मुख्यतः बड़े बिजनेस के लिए मिलता है इसमें आपको बताए गए ऊपर दोनों फाइनेंस से ज्यादा पैसा मिलता है जिसको आप अपने स्टार्टअप में लगाकर अपनी कंपनी को ऊंचाईयों की और ले जा सकते है.
फाइनेंस के फायदे (Advantages of Finance)

अगर आप फाइनेंस के बारे में सभी जानकारी ले चुके हैं तो अब आपको यह भी जान लेना चाहिए कि आखिर फाइनेंस के क्या-क्या फायदे होते हैं। आज का युग डिजिटल युग है जिसमें नई नई चीजें आने लग गई है इसलिए यदि आप फाइनेंस को सही तरीके से समझ जाते हैं तो आप बहुत ही कम समय में अच्छी ग्रोथ कर पाएंगे।

    फाइनेंस का सबसे बड़ा बेनिफिट हम एक उदाहरण के द्वारा समझते हैं मान लीजिए अपने खुद का हेल्थ इंश्योरेंस करवा रखा है और संयोग से भविष्य में यदि आपको कोई भी परेशानी होती है तो आप इंश्योरेंस की सहायता से इलाज में जो भी पैसा रहता है वह लगवा सकते हैं लेकिन यदि आपके पास इंश्योरेंस नहीं है तो आपकी जेब से पैसा देना होगा अगर आपके पास पैसा नहीं रहेगा तो आपको ब्याज पर भी पैसा उठाना पड़ सकता है।
    लोग इमरजेंसी के लिए पैसा फाइनेंस को ध्यान में रखते हुए सेव करते हैं जिससे कि वह अपने भविष्य को सुरक्षित कर पाए।
    फाइनेंस की वजह से ही आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे।
    फाइनेंस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप की जितनी भी इनकम रहती है आप उस हिसाब से अपने पैसों की बचत कर सकते हैं।